अर्थव्यवस्था एवं संरचना (Economy & Structure in hindi Notes)

अर्थव्यवस्था एवं संरचना

अर्थव्यवस्था-[bg_collapse view=”button-orange” color=”#4a4949″ icon=”arrow” expand_text=”Show More” collapse_text=”Show Less” ]

economy – अर्थशास्त्र (economics ) रूपी सैद्धांतिक पक्ष का व्यावहारिक स्वरुप | उत्पादन, वितरण एवं खपत की एक सामाजिक व्यवस्था है |

अर्थशास्त्र (economics )- ग्रीक भाषा के ओकोनोमिया शब्द से उत्तपन | जन्मदाता- एडम स्मिथ थे |

शाखाएं-

  • व्यष्टि अर्थशास्त्र (Micro Economics )- सूक्षम इकइयो जैसे विशिष्ट फर्म, विशिष्ट उद्योग, व्यक्तिगत कीमत और विशिष्ट वस्तुओं का अध्ययन |
  • समष्टि अर्थशास्त्र (Macro Economics )- समग्र अर्थव्यवस्था और इसकी समस्यायों एम संभावनाओ का अध्ययन करते है |

जैसे – कुल रोजगार, कुल राष्ट्रिय उत्पादन अथवा आय आदि |

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 अर्थव्यवस्था का वर्गीकरण-[bg_collapse view=”button-orange” color=”#4a4949″ expand_text=”Show More” collapse_text=”Show Less” ]

  • समाजवादी अर्थव्यवस्था –  उत्पादन के साधनों पर सार्वजनिक स्वामित्व तथा बाजारी शक्तियां नियंत्रित जैसे – भूतपूर्व सोवियत संघ|
  • पूंजीवादी अर्थव्यवस्था- राज्य का न्यूनतम नियंत्रण तथा निजी क्षेत्र अधिक प्रभावकारी एम स्वतन्त्र |
  • एडम स्मिथ की पुस्तक वेल्थ ऑफ़ नेशन (१७७६) में व्यक्त की गयी है |
  • मिश्रित अर्थव्यवस्था- समाजवादी तथा उदारवादी दोनों प्रकार की विशेषताए निहित | निजी क्षेत्र सार्वजनिक क्षेत्र के सहायक | जैसे – भारत |
  • खुली अर्थव्यवस्था- उदारवादी तथा निजी तत्वों की प्रभावित तथा आयात- निर्यात पर न्यूनतम प्रतिबन्ध | जैसे – हांगकांग व् सिंगापूर |
  • बंद अर्थव्यवस्था-बाह्य अर्थव्यवस्था से कोई संबंध नहीं अर्थात आयात- निर्यात शून्य एवं निजी क्षेत्र की भूमिका नगण्य | जैसे – उत्तरी कोरिया |

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आर्थिक विकास के आधार पर देशो का वर्गीकरण [bg_collapse view=”button-orange” color=”#4a4949″ expand_text=”Show More” collapse_text=”Show Less” ]

  • विकसित देश – उच्च स्तर का औद्योगीकरण हो चूका है तथा इनके अर्थव्यवस्था मे तृतीयक क्षेत्रको की प्रधानता | राष्ट्रिय आय, प्रति व्यक्ति आय एवं जीवन स्तर उच्चा |
  • विकासशील देश– विश्व बैंक की परिभाषा के अनुसार, वे देश जिनमे पश्चिमी मानक के आधार पर लोकतान्त्रिक सर्कार, मुक्त व्यापर अर्थव्यवस्था , आद्योगीकरण , सामाजिक उन्नति और मानवाधिकारों की प्राप्ति नहीं हुई है |
  • नवीन औद्योगीकृत देश – जो देश विकासशील देशो से विकसित है लेकिन अभी भी विकसित देशो के मनको को पूरा नहीं कर पाए है |
  • अल्पविकसित देश– संयुक राष्ट्र के अनुसार जो देश विकास सूचकांक प्रदर्शित करते है , वे इस वर्ग के अंतर्गत आते है , इन तीन श्रेणियों को पूर्ण रूप से संतुष्ट करते हो –
  1. दरिद्रता– जिनकी लगातार ३ वर्षो तक प्रतिव्यक्ति सकल राष्ट्रिय आय USD 1035से कम हो |
  2. कमजोर मानव संसाधन – इसके अंतर्गत पोषण,स्वास्थ्य,शिक्षा एवं प्रौढ़ शिक्षा को महत्व दिया जाता है \
  3. आर्थिक भेद्यता – कृषि उत्पादन में अस्थिरता , अस्तु एम सेवा निर्यात में आस्थिरता , गैर परम्परागत क्रिया का आर्थिक महत्व निम् स्तर का निर्यात, प्राकृतिक आपदा द्वारा जनसँख्या विस्थापन पर आधारित |

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सामाजिक और आर्थिक विकास सूचकांक[bg_collapse view=”button-orange” color=”#4a4949″ icon=”arrow” expand_text=”Show More” collapse_text=”Show Less” ]

मानव विकास रिपोर्ट- HDR के अंतर्गत मानव विकास सूचकांक व इसके विभिन्न आयामों को सम्मिलित किया जाता है जो निम्न है –

  1. मानव विकास सूचकांक-

वर्ष 1990 में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम से जुड़े अर्थशास्त्री महबूब-उल-हक, उनके सहयोगी अमर्त्य सेन एवं अन्य लोगो के द्वारा HDI निर्माण एम 1990 से निरंतर प्रकाशन |

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मानव विकास सूचकांक के आयाम[bg_collapse view=”button-orange” color=”#4a4949″ icon=”arrow” expand_text=”Show More” collapse_text=”Show Less” ]

  1. जीवन प्रत्याशा सूचकांक LEI – प्रति वर्ष UNDP द्वारा MDI के आधार पर HDR का प्रकशन किया जाता है | जिसमे LEI को स्वास्थ्य का सूचक माना जाता है |
  2. शिक्षा प्राप्ति सूचकांक EAI – इसमे बालिग साक्षरता को दो तिहाई तथा संयुक्त नामांकन अनुपात को एक तिहाई भार दिया जाता है |
  • रहन सहन स्तर सूचकांक SLI – इसके मापन हेतु प्रतिव्यक्ति सकल देशीय उत्पाद को आधार बनाया गया है , जिसमे जीवन स्तर प्रभावित होता है | इसे सकल घरेलु उत्पाद सूचकांक भी कहते है |

उपरोक्त तीनो पैमानों के अधर पर मापते हुए 0 से 1 के पैमाने पर HDI का निर्माण किया जाता है | जिस देश का मन 1 से जितना ज्यादा समीप होता है , उसे उतना ही ऊचा मानव विकास वाला देश माना जाता है |

  • अत्यधिक उच्च मानव विकास वाले देश – 0.800 और अधिक
  • उच्च मानव विकास वाले देश- 0.701- 0.800
  • माध्यम मानव विकास वाले देश- 0.550 – 0.701
  • निम्न मानव विकास वाले देश-352- 0.550[/bg_collapse]
मानव विकास रिपोर्ट 2016-[bg_collapse view=”button-orange” color=”#4a4949″ expand_text=”Show More” collapse_text=”Show Less” ][/bg_collapse]

UNDP

असमानता समायोजित मानव विकास सूचकांक[bg_collapse view=”button-orange” color=”#4a4949″ expand_text=”Show More” collapse_text=”Show Less” ][/bg_collapse]

लीग आधारित असमानता सूचकांक[bg_collapse view=”button-orange” color=”#4a4949″ expand_text=”Show More” collapse_text=”Show Less” ][/bg_collapse]

बहुआयामी निर्धनता सूचकांक[bg_collapse view=”button-orange” color=”#4a4949″ expand_text=”Show More” collapse_text=”Show Less” ][/bg_collapse]

लिंग आधारित विकास सूचकांक

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भारत के राज्यों की मानव विकास रिपोर्ट

सकल राष्ट्रिय खुशहाली

डेनिसन सूचकांक

जीवन का भौतिक गुणवत्ता सूचकांक

वास्तिक प्रगति सूचकांक

वैश्विक भुखमरी सूचकांक

राष्ट्रिय समृद्धि सूचकांक

सतत विकास

मानव सतत विकास सूचकांक

सतत विकास लक्ष्य

सहस्त्राब्दि विकास लक्ष्य रिपोर्ट 2015

भारतीय अर्थव्यवस्था

भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक

प्राथमिक क्षेत्रक

दितियक क्षेत्रक

तृतीयक क्षेत्रक

अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रक

 

चतुर्धातुक क्षेत्र-

पंच्संख्यक क्षेत्र –

वस्तु क्षेत्रक एवं गैर वस्तु क्षेत्रक-

संगठित एवं असंगठित क्षेत्रक-

क्षेत्रकवार योगदान –

 

 

 

  • जनसँख्या, गरीबी एवं बेरोजगारी
  • भारतीय कृषि
  • उद्योग एवं औद्योगिक नीति

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