Patanjali Yoga Sutra Samadhi paad UGC NET YOGA

Samadhi and its Types in Patanjal yoga sutra in hindi

समाधि क्या है ? महर्षि पतंजलि कहते है – “तदेवार्थ मात्रनिर्भाशम स्वरुप शुन्यमिव समाधि | 3/3|” योग सूत्र | अर्थात – जब ध्याता – ध्यान एवं ध्येय में से केवल धेय (अर्थ ) मात्र कि प्रतिति शेष रहता है और अपने स्वरुप का  भान नहीं रहता (शुन्य सा हो जाता है ) वह अवस्था समाधि  है | समाधि के प्रकार- १.सम्प्रज्ञात(सबीज) समाधि – ये 4 प्रकार है – वितार्कानुगत,विचारानुगत, आनंदानुगत एवं अस्मिता अनुगत समाधि | २.असम्प्रज्ञात(निर्बीज) समाधि –  ये 2 प्रकार के  है – भव प्रत्यय एवं उपाय प्रत्यय  समाधि | १.सम्प्रज्ञात(सबीज)…

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